भारत में कोरोना की चौथी लहर की आहट सुनाई दे रही है और इस बार वायरस का नया सब-वैरियंट JN.1 चिंता का विषय बन चुका है। BHU के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि यह वैरियंट सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग और अमेरिका जैसे देशों में कहर मचाने के बाद अब भारत में भी तेज़ी से फैल रहा है। बीते दिनों में भारत में 1200+ एक्टिव केस सामने आए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह लहर अगले 28 दिनों में अपने चरम पर पहुंच सकती है। BHU की रिसर्च टीम सीवर सैंपल की जांच के ज़रिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या यह वैरियंट भी कम्युनिटी स्प्रेड बन सकता है? यदि ऐसा हुआ, तो खतरा कई गुना बढ़ सकता है। इस रिपोर्ट में जानिए आने वाले हफ्तों में क्या होगा और कैसे रहें सतर्क।
भारत में फिर लौट रहा है कोरोना वायरस
Corona virus is returning in waves, and JN.1 is its new form. प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे के अनुसार, JN.1 पहले से ज्यादा संक्रामक है और सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग, अमेरिका के बाद अब भारत में फैल रहा है। अगर यही ट्रेंड रहा तो आने वाले 3–4 हफ्तों में यह अपने पीक पर पहुंच सकता है।
28 दिन में आ सकता है चौथी लहर का पीक

BHU के प्रोफेसर ने बताया कि पिछले वैरियंट्स की तुलना में JN.1 तेजी से प्रभाव करता है। पहली लहर में 60 दिन लगे थे, जबकि दूसरी और तीसरी लहर 21–28 दिन में अपने टॉप पर थीं। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि चौथी लहर बेहद जल्द आ सकती है।
सीवर सैंपल से मिलेगा असली डेटा
BHU की रिसर्च टीम वाराणसी के सीवर सैंपल इकट्ठा कर रही है, ताकि यह जाना जा सके कि वायरस किस स्तर पर फैल चुका है। Genome sequencing के जरिए वायरस के नए म्यूटेशन और उनके असर का पता चलेगा। इस डेटा से ही सरकार निर्णय ले सकेगी कि सख्त कदम कब उठाने हैं।
1200+ एक्टिव केस, कई राज्यों में बढ़ा खतरा
देशभर में एक्टिव कोरोना केस का आंकड़ा 1200 पार कर चुका है। केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। जनता को फिर से मास्क, सैनिटाइज़र और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करना होगा। हेल्थ एंड फिटनेस पर जाकर हेल्थ अलर्ट्स की लेटेस्ट जानकारी पाएं।
क्या फिर लग सकता है लॉकडाउन?
विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है, लेकिन अगर केस और तेजी से बढ़े तो सरकार को कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। अभी भी समय है – खुद को सुरक्षित रखें, टीकाकरण कराएं और भीड़भाड़ से बचें।













