गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को सिखाएं ये 7 मजेदार एक्टिविटीज, बच्चे बोलेंगे ‘थैंक यू

By RTM Hindi News

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गर्मी की छुट्टियां बच्चों के लिए सिर्फ मस्ती और आराम का वक्त नहीं होती, बल्कि यह समय उनके सीखने और खुद को बेहतर बनाने का भी बेहतरीन मौका होता है। जब बच्चे स्कूल के पढ़ाई के बोझ से मुक्त होते हैं, तब उनका दिमाग कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहता है। ऐसे में अगर पेरेंट्स चाहें तो इन छुट्टियों को बच्चों के लिए एक यादगार और फायदेमंद अनुभव बना सकते हैं।

इस आर्टिकल में हम बात कर रहे हैं 7 ऐसी मजेदार और क्रिएटिव एक्टिविटीज की, जिन्हें बच्चे छुट्टियों में सीख सकते हैं और जो न सिर्फ उन्हें खुशी देंगी, बल्कि उनके स्किल्स को भी निखारेंगी।


1. स्विमिंग: गर्मियों में ठंडक और फिटनेस दोनों एक साथ पाएँ

गर्मी के मौसम में तैराकी बच्चों के लिए सबसे अच्छी एक्टिविटी मानी जाती है। स्विमिंग न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है बल्कि यह बच्चों की फिजिकल हेल्थ के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। इससे उनका स्टेमिना बढ़ता है, मसल्स मजबूत होती हैं और बच्चों में आत्मविश्वास भी आता है।

अगर आपका बच्चा अभी तैरना नहीं जानता, तो ये सही समय है उन्हें सीखाने का। किसी प्रोफेशनल इंस्ट्रक्टर के साथ वे आसानी से बुनियादी स्टेप्स सीख सकते हैं। स्विमिंग से बच्चों को टाइम मैनेजमेंट, अनुशासन और आत्म-निर्भरता जैसी जरूरी बातें भी सिखाई जा सकती हैं। साथ ही यह एक ऐसी स्किल है, जो जिंदगीभर काम आती है।

2. थिएटर: बच्चों के आत्मविश्वास को निखारे मंच की ताकत से

थिएटर यानी नाटक करना एक बहुत ही मजेदार और प्रभावशाली एक्टिविटी है, जो बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाती है। थिएटर के जरिए बच्चा अपने अंदर के विचारों और भावनाओं को व्यक्त करना सीखता है। इससे न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि पब्लिक स्पीकिंग और टीम वर्क जैसी जरूरी स्किल्स भी डेवलप होती हैं।

अगर बच्चा शर्मीला है या लोगों के सामने बोलने से कतराता है, तो थिएटर उसे इस डर से बाहर निकलने में बहुत मदद कर सकता है। थिएटर के जरिए बच्चे नए किरदारों को जीते हैं, जिससे उनकी कल्पनाशक्ति और संवेदनशीलता भी विकसित होती है। आजकल कई समर कैंप्स में बच्चों के लिए छोटे-छोटे नाटक तैयार कराए जाते हैं, जिसमें भाग लेकर वे इस कला को आसानी से सीख सकते हैं।

3. संगीत: हर धुन में छुपा है रचनात्मकता का एक नया अध्याय

संगीत बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह न सिर्फ उन्हें शांत करता है, बल्कि उनकी एकाग्रता और याददाश्त को भी बेहतर बनाता है। गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट सीखने के लिए प्रेरित करें जैसे गिटार, पियानो, तबला या बांसुरी।

साथ ही अगर बच्चा वोकल म्यूजिक में रुचि रखता है, तो उसे गायन की क्लास में भी भेज सकते हैं। संगीत से बच्चों को भावनात्मक संतुलन मिलता है और उनकी सोचने की क्षमता भी बढ़ती है। यह उनके आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम बन सकता है, जिससे वे खुद को बेहतर तरीके से समझ और व्यक्त कर सकते हैं।

संगीत एक ऐसा कौशल है जिसे बच्चे जीवनभर संजोकर रख सकते हैं।

4. कुकिंग: आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी है स्वादिष्ट खाना बनाना

खाना बनाना एक जीवन उपयोगी कला है, जिसे हर बच्चे को कम उम्र से ही सिखाया जाना चाहिए। गर्मी की छुट्टियों में बच्चे को किचन की छोटी-छोटी जिम्मेदारियों में शामिल करें जैसे सब्जी धोना, सलाद काटना, या ब्रेड पर जैम लगाना।

इससे न सिर्फ उनका आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि वे समय, मेहनत और संसाधनों की कद्र करना भी सीखेंगे। कई बार बच्चे जब खुद खाना बनाते हैं, तो वे हेल्दी फूड में भी रुचि लेने लगते हैं। बच्चों के लिए आसान रेसिपीज़ जैसे फ्रूट सलाद, सैंडविच या फ्रूट शेक से शुरुआत की जा सकती है।

साथ ही, पेरेंट्स और बच्चों के बीच की बॉन्डिंग भी मजबूत होती है जब वे साथ में कुछ क्रिएट करते हैं।

5. बागवानी: मिट्टी से दोस्ती और प्रकृति से जुड़ाव का जरिया

बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का सबसे आसान तरीका है – बागवानी। गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को गमलों में पौधे लगाना, उन्हें पानी देना और उनकी देखभाल करना सिखाएं। इससे उनमें जिम्मेदारी और धैर्य जैसे गुण विकसित होते हैं।

बच्चे जब बीज को अंकुरित होते हुए देखते हैं, तो उन्हें प्रकृति की चमत्कारी प्रक्रिया का अनुभव होता है। इससे उनमें संवेदनशीलता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी आती है।

बागवानी बच्चों को सिखाती है कि मेहनत और धैर्य से ही फल मिलते हैं – यह जीवन का एक गहरा सबक भी है। यह न सिर्फ एक रचनात्मक शौक है बल्कि मानसिक शांति भी देता है।

6. नई भाषा सीखना: बच्चों की कम्युनिकेशन स्किल्स को बनाएं और भी मजबूत

भाषा सीखना न केवल संवाद का तरीका है, बल्कि यह सोचने और समझने का तरीका भी विकसित करता है। आप गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को हिंदी, अंग्रेज़ी या किसी नई भाषा जैसे फ्रेंच, जर्मन, पंजाबी या बंगाली सिखा सकते हैं।

नई भाषा सीखने से बच्चे की याददाश्त तेज होती है, वह नए शब्दों और उच्चारण के साथ खुद को बेहतर तरीके से अभिव्यक्त कर पाता है। इसके अलावा, यह भविष्य में करियर के अवसरों को भी बढ़ा सकता है।

आजकल कई मोबाइल ऐप और ऑनलाइन क्लासेज़ उपलब्ध हैं जो भाषा सीखने को आसान और इंटरैक्टिव बना देती हैं। यह एक फन लर्निंग एक्सपीरियंस बन सकता है।

7. तकनीक का सही ज्ञान: बच्चों को बनाएं डिजिटल रूप से स्मार्ट

आज के दौर में टेक्नोलॉजी से दूरी बनाना संभव नहीं है, लेकिन इसका सही उपयोग सिखाना जरूरी है। गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी, टाइपिंग, प्रेजेंटेशन बनाना या कोडिंग जैसी स्किल्स सिखाई जा सकती हैं।

अगर बच्चा पहले से ही मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करता है, तो उसे सिर्फ गेम्स से हटाकर प्रोडक्टिव एक्टिविटीज़ की तरफ मोड़ें। आप उन्हें ऑनलाइन डिज़ाइनिंग, वीडियो एडिटिंग या रोबोटिक्स जैसी मजेदार तकनीकी चीजों से भी परिचित कर सकते हैं।

टेक्नोलॉजी सीखकर बच्चे भविष्य के लिए तैयार होते हैं और वे डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर बनते हैं।

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